Friday, August 31, 2018

डोनल्ड ट्रंप की नई धमकी, विश्व व्यापार संगठन से बाहर निकल जाएंगे

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर विश्व व्यापार संगठन ( ) ने अमरीका के साथ अपना रवैया नहीं बदला तो अमरीका इससे बाहर हो जाएगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "अगर वो अपने तरीके नहीं बदलते हैं तो हम डब्ल्यूटीओ से बाहर निकल जाएंगे."
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना वैश्विक व्यापार के नियम बनाने और तमाम देशों के बीच व्यापारिक विवादों के सुलझाने के लिए हुई था.
डोनल्ड ट्रंप शुरू से ही अमरीका के लिए रक्षात्मक नीतियां अपनाते आए हैं और अब उनका कहना है कि डब्ल्यूटीओ अमरीका के साथ अनुचित व्यवहार करता है.
ट्रंप की विश्व व्यापार संगठन से हटने की धमकी दि्खाती है उनकी व्यापारिक नीतियों और मुक्त व्यापार व्यवस्था में विरोधाभास है.
इस बीच अमरीका ने विश्व व्यापार संगठन के विवाद निवारण व्यवस्था (डिसप्युट सेटलमेंट सिस्टम) के दो नए जजों के चुनाव का रास्ता रोक दिया है. जिसकी वजह से डब्ल्यूटीओ के फ़ैसले सुनाने की क्षमता कमज़ोर पड़ सकती है.
अमरीका के व्यापार प्रतिनिध रॉबर्ट लाइटहाइज़र ने भी डब्ल्यूटीओ पर अमरीका की संप्रभुता में दख़ल देने का आरोप लगाया है.
डोनल्ड ट्रंप 'अनुचित व्यापार' से तब से ही ख़फ़ा नज़र आते रहे हैं, जब वो राष्ट्रपति बने भी नहीं थे.
पिछले साल ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा था है, "डब्ल्यूटीओ सबको फ़ायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया था, सिवाय हमें...हम हर केस हार जाते हैं, हम डब्ल्यूटीओ में लगभग हर केस हार जाते हैं."
हालिया कुछ महीनों में अमरीका ने डब्ल्यूटीओ के साथ जैसे को तैसा वाला रवैया अपनाता नज़र आया है. इसका ताज़ा उदाहरण है चीन के साथ इसका ट्रेड वॉर. दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की इस लड़ाई पर पूरी दुनिया की दिलचस्पी है.
ट्रंप ने चीन से आयातित कई सामानों पर अच्छा-खासा टैक्स लगा दिया है और बदले में चीन ने भी वही किया है.लूमबर्ग ने कई रिपोर्टों के हवाले से दावा किया है कि अमरीका तकरीबन 200 बिलियन डॉलर की क़ीमत वाले चीनी उत्पादों पर नए टैक्स लगाने वाला है.
ब्लूमबर्ग के इंटरव्यू में जब ट्रंप से इसकी पुष्टि करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि ये 'पूरी तरह ग़लत' नहीं है.
वहीं, चीन के वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि उसे अमरीका द्वारा डब्ल्यूटीओ के नियम तोड़ने पर 'साफ़ तौर पर शक़' है.
अमरीका ने जब जुलाई में चीनी उत्पादों पर टैक्स की पहली घोषणा की थी तब चीन ने डब्ल्यूटीओ में इस बारे में शुरुआती शिक़ायत दर्ज कराई थी.
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना 1994 में हुई थी और तब से यह वैश्विक व्यापार के नियमों का केंद्र है.
ऐसा नहीं है कि ट्रंप को सिर्फ़ चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों से परेशानी है. इससे पहले उन्होंने मेक्सिको से नाफ़्टा समझौता (नॉर्थ अमरीकान ट्रेड अग्रीमेंट) तोड़ने की धमकी दी थी.
उन्होंने 1994 में हुए इस समझौते पर नए सिरे से विचार करने की मांग की थी.
ट्रंप का कहना था नाफ़्टा समझौते की वजह से अमरीका में मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में (ख़ासकर कार उद्योग) में नौकरियां कम हुई हैं.
उनके अड़े रहने और तक़रीबन एक साल तक चली बातचीत के बाद अमरीका और मेक्सिको नाफ़्टा समझौते को नया रूप देने को तैयार हो गए हैं.
इस बारे में ट्रंप ने सोमवार को कहा कि यह 'वाक़ई अच्छा समझौता' है जो दोनों देशों के लिए ज़्यादा उचित होगा.
कनाडा, जोकि नाफ़्टा समझौते का नया सदस्य है, उसका अभी नए शर्तों पर हस्ताक्षर करना बाक़ी है.
ट्रंप ने कहा था कि नए शर्तों पर हस्ताक्षर करने के लिए कनाडा के पास सिर्फ़ शुक्रवार तक का वक़्त है.
ट्रंप कनाडा के ऑटोमेटिव सेक्टर के उत्पादों पर टैक्स लगाने या फिर इसे अमरीका से पूरी तरह बाहर करने की धमकी भी दे चुके हैं.

Thursday, August 16, 2018

आज की पाँच बड़ी ख़बरें: अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार शाम 4 बजे

भारत रत्न और तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे 93 वर्षीय अटल बिहारी वाजपेयी का आज शाम चार बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा.
वाजपेयी का गुरुवार की शाम 5.05 बजे निधन हो गया. उनके निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई. दिल्ली समेत मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पंजाब के सरकारी स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान किया गया.
वाजपेयी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रातभर रखा गया. सुबह 9 बजे उनका पार्थिव देह भाजपा मुख्यालय ले जाई जाएगी.
दोपहर एक बजे अंतिम यात्रा शुरू होगी, जो राजघाट तक जाएगी जहां महात्मा गांधी के स्मृति स्थल के समीप उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
केरल में बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसों में मरने वालों की तादाद बढ़कर 90 से अधिक हो गई है. इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई ज़िलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है.
राज्य की संस्थाओं के साथ-साथ आर्मी, नौसेना, वायुसेना, कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ़ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने ट्वीट किया कि 23 हेलीकॉप्टर के साथ 200 और नावें बचाव कार्य के लिए उतारी जाएंगी.
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़ंस (एनआरसी) से बाहर रखे गये लोगों का प्रतिशत में सटीक आंकड़ा मांगा है.
इस आंकड़े के विवादास्पद होने की आशंका के कारण कोर्ट ने एनआरसी के संयोजक से इसे एक 'सीलबंद लिफाफे' में देने को कहा है.
एनआरसी में असम में रहने वाले 40 लाख लोगों को शामिल नहीं किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एनआरसी ये भी बताये कि किस ज़िले के कितने लोगों को इसमें नहीं रखा गया है.
कोर्ट ने इनकी नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समयसीमा बढ़ाने से भी इनकार कर दिया है. बेंच ने कहा कि फ़ॉर्म जमा करने का काम पहले से निर्धारित 30 अगस्त से 28 सितंबर तक जारी रहेगा.
अमरीका में कम से कम 350 समाचार संस्थानों ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के मीडिया पर हमले का सामना करने और स्वतंत्र मीडिया के पक्ष में एक अभियान शुरू किया है.
मार्थाज विनयार्ड टाइम्स, डलास मॉर्निग न्यूज, यांक्तन काउंटी ऑबजर्वर, बैंगोर डेली न्यूज़ समेत सैकड़ों अमरीकी समाचार पत्रों ने गुरुवार को देश में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के एक संयुक्त प्रयास में अपने-अपने अखबारों में खाली जगह छोड़े.
यह क़दम मीडिया के ख़िलाफ़ राष्ट्रपति के 'डर्टी वॉर' की राष्ट्रव्यापी निंदा के लिए बॉस्टन ग्लोब ने शुरू किया था. जिसमें हैशटैग एनेमीऑफ़नन का प्रयोग किया गया.
अख़बार ने अपने संपादकीय में ट्रंप पर आरोप लगाया, 'वह प्रेस की आज़ादी पर लगातार हमला कर रहे हैं. अमरीका की महानता सच बोलने के लिए प्रेस की आज़ादी की भूमिका है. अमरीकी होने के नाते प्रेस पर लोगों का दुश्मन होने का ठप्पा लगाना ख़तरनाक है.' ट्रंप पत्रकारों और ख़बरों की बराबर आलोचना करते रहते हैं. वह इनको कई बार फ़ेक न्यूज़ तक कह चुके हैं.
शुक्रवार से स्पेनिश लीग ऐसी पहली यूरोपीय फ़ुटबॉल लीग बन जाएगी, जिसका प्रसारण विशेष रूप से भारत में फ़ेसबुक पर लाइव किया जाएगा.
स्पेनिश लीग का प्रसारण भारत, भूटान, नेपाल, अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश, मालद्वीप, पाकिस्तान और श्रीलंका में फ़ेसबुक पर मुफ़्त मिलेगा.
इसकी शुरुआत 17 अगस्त से हो रही है. 'ग्लोबल लाइव स्पोर्ट्स' कार्यक्रम में फ़ेसबुक के प्रमुख पीटर हुटोन ने इसकी जानकारी दी.

Monday, August 13, 2018

特朗普的煤炭复兴计划将被经济现实打败

去年5月在北达科他州俾斯麦的一次油气行业会议上,当时的总统候选人特朗普曾表示,化石燃料将会迎来一个光明的未来。

“我们的天然气储量比俄国、伊朗、卡塔尔和沙特加起来还多,煤炭储量是俄罗斯的3倍,我们尚未开发的油气储量估计价值约50万亿美元。想想吧,咱们有的是资源!可是之前我们却没有意识到这一点!”他如此煽动着与会人士的情绪。

但是,特朗普对煤炭的乐观情绪从经济的角度来说不过是镜花水月。这位房地产开发商出身的总统承诺要通过废除奥巴马政府制定的限制煤炭产业的法规来创造就业岗位,而现实则是全球市场决定了这几乎不可能实现。

美国的煤炭企业正在陆续倒闭。世界最大的私有煤炭厂商
皮博迪能源2016年 申请破产,而近年来倒闭的美国煤炭企业已经达到50个。

美国煤炭产业每年失去约1万个工作岗位,这不是因为缺少土地或采矿权,而是因为这个行业已经不再有利可图。

根据美国能源部的数据,风能和太阳能产业如今为美国提供了比化石燃料部门更多的就业机会。在全球范围内,2016年可再生能源是新增装机容量最大的能源形式。

根据美国能源部最近公布的一份
报告,煤炭产业挖掘、开采、发电等环节的就业人数约为16万人。但是,2006年以来煤炭发电量已经下降53%。这一趋势还将继续,而煤电衰退导致的失业只能依赖天然气和可再生能源就业的增长来挽救。2016年太阳能产业就业人数达到约37.4万人,同比增长了25%;同年风能产业就业人数为10.2万人,增长了32%。